उद्धरण - 190
कोहल मुनि भरत मुनि के प्रधान शिष्य थे । उन्हीं का सम्प्रदाय कोहलीय सम्प्रदाय कहा जाता है । ये लोग मानते हैं कि भरत मुनि ने अपने नाट्यशास्त्र में केवल भारती वृत्ति का प्रवर्त्तन किया था, जिसमें शब्दों के द्वारा ही भाव प्रकट करने पर जोर दिया जाता है ।
Comments
Post a Comment