उद्धरण - 161

दर्द में भी जीवन में आस्था, जीवन का आश्वासन - जो शेली के सन्दर्भ से ध्वनित होता है; और दर्द से मजकर व्यक्तित्व का स्वतंत्र विकास, ऐसा स्वतंत्र कि दूसरों को भी स्वतंत्र करे- जो अज्ञेय के सन्दर्भ में ध्वनित होता है ।

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