उद्धरण - 157

आप की चाटुकारिता को कोई कितना सीरियसली ले, यह आप की पोशाक पर निर्भर है- अगर आप अच्छे कपड़े पहने हैं तो आपकी की हुई प्रशंसा ठीक है और स्वीकार्य है, आप पारखी पत्र-प्रतिनिधि् हैं, अगर रद्दी कपड़े पहने हैं तो वह काम निकालने के लिए की गई झूठी खुशामद है, आप टुटपुंजिए रिपोर्टर हैं और तिरस्कार के पात्र।

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