उद्धरण - 147

किशोर रात को जब तकिए पर सिर रखता है तो बहुत देर तक आंखें बंद कर दोनों भौंहों के बीच उस बिंदु को देखता रहता है जिसमें से अंधेरे के चक्कर निकल कर बाहर की तरफ फैलते रहते हैं।

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