उद्धरण - 144

वह मर सकती हैं, तो क्या मैं नहीं मर सकता! बड़े मजे में मर सकता हूँ। बुआ को यह बिलकुल मालूम नहीं है कि मैं किस आसानी से मर सकता हूँ। उनको पता भी नहीं, पर सच्ची बात यह है कि उनके बाद मैं जी ही नहीं सकता, जीऊँगा ही नहीं।

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