उद्धरण - 126

हमारी सभ्यता मानव की शैशवावस्था को बढ़ाने का अनन्त प्रयास है। वह चाहती है सुरक्षा, पुरुषत्व माँगता है साहस!

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549