उद्धरण - 114

संपूर्णानंद ‘वृहस्पति’ का दावा था कि राम का धनुष, कृष्ण का सुदर्शन चक्र, कालीदेवी का खंजर आज भी इस देश के एक स्थान पर मौजूद हैं जिनको जल्द ही विश्व के दर्शनार्थ वह प्रस्तुत करेंगे। उनकी जिस किताब में यह बात थी उसमें यह भी लिखा गया था कि इस कड़ी में वह हनुमान जी की गदा ढूंढ़ने की अभिलाषा रखते थे किंतु वह संभव नहीं। क्योंकि राम, कृष्ण स्वर्गारूढ़ होकर देवलोक चले गये जबकि हनुमान जी अपनी गदा लिये आज भी पृथ्वी पर विचरण कर रहे हैं और एक पल के लिए अपनी गदा को छोड़ते नहीं हैं।

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