उद्धरण - 108

मेरे यहाँ आने वाले लोगों में बुद्धि तो है, पर चरित्र नहीं, इसके लिए मुझे भी दुख है। हमारे दाँत तो बड़े-बड़े हैं, पर आँतें नहीं हैं- कौर बहुत बड़ा ले लेते हैं पर पचा नहीं सकते। आपको खाने में अनिच्छा दीखती है, लेकिन सिस्टम ठीक-ठाक है।’’

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