उद्धरण - 102

हम सब मूलतया सूर्यापासक हैं; और हमारे चिन्तन में चाहे जो कुछ हो, हमारे जीवन में सूर्य ईश्वर का पर्याय है । सूर्य और ईश्वर, सूर्य और समय, इसलिए सूर्य और हमारा जीवन- जहाँ सूर्य नहीं है वहाँ समय भी नहीं है ।

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