उद्धरण - 101
बिना कहानी की सम्यक् परिभाषा के कहा जा सकता है कि कहानी एक क्षण का चित्र प्रस्तुत करती है । क्षण का अर्थ आप चाहे एक छोटा काल-खंड लगा लें, चाहे एक अल्पकालिक स्थिति, एक घटना, प्रभावी डायलॉग, एक मनोदशा, एक दृष्टि, एक बाह्य या आभ्यन्तर झाँकी, संत्रास, तनाव, प्रतिक्रिया, प्रक्रिया....इसी प्रकार चित्र का अर्थ आप वर्णन, निरूपण, संकेतन, सम्पुंजन, रेखांकन, अभिव्यंजन, रंजन, प्रतीकन, द्योतन, आलोकन, जो चाहे लगा लें- या इनके जो भी जोड़-मेल।’’
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