उद्धरण - 100
जब दस मनुष्यों के सम्पर्क में आएगा, कहीं तेरे स्वार्थ पर चोट पहुँचेगी । उस समय अपना मतलब साधने के लिए झूठ नहीं बोलेगा, किसी बात को छिपाने को प्रयत्न नहीं करेगा । तभी न मालूम हो सकेगा कि तू सत्य पर दृढ़ है? अकेले अकेले तो हर आदमी सत्यवादी और धर्मनिष्ठ होने का दावा कर सकता है ।
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