उद्धरण - 47
आप तो साहित्यकार हैं, आदर्श के लिए लिखते हैं । नाम का मोह तो आप को है नहीं । मेरी राय तो यही है कि आप ऐसी तरकीब कीजिए कि आप की चीज भी लोगों के सामने आ जाए और आपको कुछ लाभ भी मिल जाए । असल चीज तो यही है कि उत्तम साहित्य अधिक से अधिक लोगों के सम्मुख आए, लेखक के नाम से क्या आता जाता है? आखिर पुराणों, उपनिषदों के लेखकों का किसे पता है?
Comments
Post a Comment