उद्धरण - 43

मुश्किल यह है कि हिन्दी में लिखना जितना आसान है, उतना पढ़ना नहीं । लोग फटाफट लिख देते हैं । पढ़नेवाला मग़ज़ मारता रहता है । व्यक्तिगत अनुभव के बल पर कह सकता हूँ कि कुछ ऐसे लेखक हैं जिनकी एक पुस्तक पढ़कर समाप्त नहीं कर पाया तब तक उनकी चार पुस्तकें छप गई । अनाम भी कहीं वैसा ही लिक्खाड़ न निकले !

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