उद्धरण - 36

तूफान में नाव को तैरते रखना ही सबसे बड़ा कर्तव्य होता है, लेकिन जब तूफान नहीं होता तब केवल तैरने से ही नाव कहीं नहीं पहुँच जाती, उसे खेना होता है, और ठीक दिशा में खेना होता है, जिसके लिए नक्शों की आवश्यकता होती है, और दिग्दर्शकों की, और कर्णधारों और समर्थ मल्लाहों की ।

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