उद्धरण - 29

हर ईश्वर अपनी सृष्टि को देख कर हँसता है, पर कौन उससे अपने को काट लेता है। आपने मुझे नास्तिक बनाया था या नहीं, यह तो नहीं जानता- पर समझता हूँ कि ईश्वर भी सृष्टियों द्वारा अपना संघटन करता रहता है ।

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