उद्धरण - 27

योरोप प्रवास के समय अपने दैनन्दिन प्रवृत्ति के ब्यौरे के लिए लेखक ने एक खाता रखा था। परन्तु अधिकांश में उसमें एक मानसिक चर्चा का ही विवरण लिखा जाता रहा, ......... मान लिया गया है कि इसकी जिज्ञासाओं का स्वर निजी होने पर भी उनकी तत्व-वस्तु एक जमीन नहीं है। कोई विशेष क्रम नहीं रखा गया है- कम से कम कालानुक्रम तो नहीं ही है ।

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