उद्धरण - 21

प्रचलित नैतिकता का समर्थन-भर करने के लिए कला की साधना, कम से कम मुझे तो व्यर्थ मालूम होती है- और मेरा विश्वास है, किसी भी कला साधक को व्यर्थ मालूम होगी । क्योंकि कला को नैतिकता के प्रचलित रूप से कोई लगाव नहीं है - उसे तो नैतिकता के बुनियादी स्रोतों से मतलब है ।

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