उद्धरण - 17

लम्बी कविताएँ भी होती हैं, हो सकती हैं, अच्छी भी हुई हैं, पर उनको कलात्मक एकता और गठन देने वाली चीज फिर दूसरी हो जाती है- भाव की संहति और तीव्रता नहीं । वह ढंग दूसरा है, और कहूँ कि मेरा वह नहीं है ।

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