उद्धरण - 14

जो मुझे कहने के योग्य जान पड़ा है, उसे मैं न कहूँ ऐसी स्थिति में मैंने भरसक अपने को नहीं डाला है । उसको कम ही लोग समझेंगे इसलिए उससे इतर कुछ कहूँ या उसमें पानी मिलाकर उसे वितरित करूँ, यह प्रयत्न मैंने भरसक नहीं किया है ।

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